Data Models in DBMS in Hindi

Data Models in DBMS

Database में डेटा को स्टोर करने क लिए अलग-अलग प्रकार के method का उपयोग किया जाता है जिससे डेटा को जो व्यवस्थित , प्रबंधित और एक्सेस करने में मदद करता है।

Data Model, DBMS का एक Basic Concept है जो डेटा के सुव्यवस्थित तरीके से स्टोर करता है। यह users और Developers को डेटाबेस डिज़ाइन करने में मदद करता है। ये Model डेटाबेस डिज़ाइन के लिए एक ब्लूप्रिंट की तरह काम करता हैं, जो यह निर्धारित करता हैं कि कौन सा डेटा स्टोर करना है, और इसे कैसे व्यवस्थित करना है।

Data Model यह सुनिश्चित करता है कि डेटा व्यवस्थित रूप से संग्रहीत हो और इसे आसानी से एक्सेस किया जा सके।

Data Model के types निम्न प्रकार के है:

  1. हायरार्किकल डेटा मॉडल (Hierarchical Data Model)
  2. नेटवर्क डेटा मॉडल (Network Data Model)
  3. रिलेशनल डेटा मॉडल (Relational Data Model)

1. हायरार्किकल डेटा मॉडल (Hierarchical Data Model)

इसमें डेटा Hierarchical (पदानुक्रमित) structure के रूप में होता है अर्थात इसमें डेटा को एक ट्री स्ट्रक्चर में व्यवस्थित किया जाता है, जहाँ प्रत्येक Parent Node के कई Child Node हो सकते हैं, लेकिन प्रत्येक Child Node का केवल एक ही Parent Node होता है।

Data Models in DBMS in Hindi

इस model को tree structure model भी कहते है।

सरल शब्दों में, Hierarchical Data Model एक ऐसा डेटा मॉडल है जिसमें डेटा को एक पेड़ जैसी structure में व्यवस्थित किया जाता है। इसमें एक Root Node होता है, जिससे कई Child Nodes जुड़े होते हैं, और ये Child Nodes के और भी Child Nodes हो सकते हैं।

विशेषताएँ (Features):

  • इसमें डेटा को एक tree structure की तरह व्यवस्थित किया जाता है।
  • प्रत्येक Parent के कई Child हो सकते हैं, लेकिन प्रत्येक Child का केवल एक ही Parent होता है।
  • तेजी से डेटा एक्सेस कराता है।
  • इसमें One-to-Many Relationship को प्रदर्शित करता है।
  • डेटा तक पहुँचने के लिए Parent Node से शुरू करके नीचे की ओर नेविगेट करना पड़ता है।

Advantages

  • डेटा को तेजी से एक्सेस किया जा सकता है।
  • बेहतर performance के लिए अनुकूल (compatible) है।
  • डेटा को व्यवस्थित करना और समझना आसान।तेजी से डेटा रिट्रीवल, खासकर जब संबंध स्पष्ट हों।

Disadvantages

  • जटिल relationship (many-to-many) को मॉडल करना मुश्किल है।
  • डेटा में बदलाव करना कठिन हो सकता है।
  • यह Multiple Parents वाले relationship को हैंडल नहीं कर सकता।
  • बड़े और dynamic databases के लिए suitable नहीं है।

2. नेटवर्क डेटा मॉडल (Network Data Model)

Network Data Model, हायरार्किकल मॉडल का Advanced version है। इसमें डेटा को जाल स्ट्रक्चर (network) में व्यवस्थित किया जाता है, जहाँ एक “child node” के कई Parent Node हो सकते हैं। यह मॉडल complex relationship को manage करने के लिए design किया गया है।

सरल शब्दों में, मान लीजिए एक स्कूल का डेटा है। एक स्टूडेंट (child ) एक टीचर (Parent ) से पढ़ता है और साथ ही एक क्लब (दूसरा Parent) का हिस्सा भी है। नेटवर्क मॉडल में स्टूडेंट दोनों से जुड़ा होता है, जो हायरार्किकल मॉडल में आसानी से नहीं हो पाता। यहाँ child नोड एक से ज्यादा Parent node से जुड़ा होता है।

Data Models in DBMS in Hindi

Network Data Model पुराने समय में बहुत इस्तेमाल होता था। Network Data Model 1970s में लोकप्रिय था, खासकर CODASYL (Conference on Data Systems Languages) के Standards के साथ। यह जटिल डेटा को हैंडल करने में सक्षम है, लेकिन वर्तमान में रिलेशनल डेटाबेस (जैसे SQL) की वजह से इन्हें उपयोग नहीं किया जाता।

विशेषताएँ (Features):

  1. यह Hierarchical Data Model से ज्यादा डेटा को हैंडल कर सकता है।
  2. इसमें एक child के कई Parent और एक Parent के कई child होते हैं।
  3. डेटा एक जाल की तरह होता है, जिसमें nodes और links होते हैं।
  4. Hierarchical Data Model की तुलना में अधिक Flexible और dynamic होता है।
  5. इसमें डेटा तक पहुँचने के लिए links का इस्तेमाल होता है, सीधे रूट से शुरू करना जरूरी नहीं होता।

Advantages

  1. many to many relationship होंता है, वहाँ यह बेहतर काम करता है।
  2. लिंक्स की वजह से डेटा जल्दी प्राप्त हो जाता है।
  3. डेटा को जोड़ना या बदलना आसान है।
  4. Organizations, social networks जैसे जटिल सिस्टम को अच्छे तरीके से represent कर सकता है।
  5. Hierarchical Data Model की तुलना में डेटा का दोहराव कम होता है।

Disadvantages

  1. डेटाबेस डिज़ाइन और Maintenance कठिन होता है।
  2. Programmers को पॉइंटर्स और लिंक्स की पूरी समझ होना चाहिए।
  3. सामान्य यूज़र्स के लिए समझने और Query लिखने में दिक्कत का सामना करना पड़ता होती है।
  4. हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की लागत (cost)अधिक होती है।

Network Model vs Hierarchical Model

दोनों में अंतर:

पैरामीटरNetwork ModelHierarchical Model
RelationshipM:N (multple parants)1:N (single parant)
flexibilityअधिक होता है।कम होता है।
Data Accessपॉइंटर्स के माध्यम से किया जाता है। ट्री पथ के माध्यम से किया जाता है।
Complexityजटिल होता है। सरल होता है।

3. रिलेशनल डेटा मॉडल (Relational Data Model)

Relational Data Model डेटाबेस मैनेजमेंट का सबसे Popular और व्यापक रूप से उपयोग किया जाने वाला मॉडल है। Relational Data Model को सर्वप्रथम E.F. Codd ने 1970 में प्रस्तावित किया था। इन टेबल्स को relations कहा जाता है।

इसमें डेटा को टेबल्स (tables) के रूप में व्यवस्थित किया जाता है। प्रत्येक टेबल में rows और columns होते हैं, जैसे एक एक्सेल शीट होता है। यह मॉडल डेटा को जोड़ने के लिए keys (जैसे: Primary, and Foreign आदि) का इस्तेमाल करता है।

आसान भाषा में समझें तो, मान लीजिए एक स्कूल का डेटा है। एक टेबल में स्टूडेंट्स की जानकारी (नाम, रोल नंबर) और दूसरी टेबल में कोर्स की जानकारी (कोर्स नाम, टीचर)। इन टेबल्स को रोल नंबर से जोड़ा जाता है।

विशेषताएँ (Features):

  • डेटा को टेबल्स में स्टोर किया जाता है, जिनमें row और column होते हैं।
  • टेबल में सभी rows को यूनिकली dentifies करती है (जैसे, Student_ID)।
  • इसमें Data Independence होती है अर्थात डेटा और उसका structure अलग रहते हैं।
  • Foreign Key दूसरी टेबल के साथ संबंध बनाती है (जैसे, Course_ID in Enrollments टेबल)।
  • डेटा रिडंडेंसी (दोहराव) को कम करने के लिए टेबल्स को छोटे और Logical Units में तोड़ा जाता है।
  • डेटा को मैनेज और Query करने के लिए SQL का उपयोग किया जाता है (जैसे, SELECT * FROM Students;)।

Advantages

  • Primery और Foreign की डेटा की शुद्धत सुनिश्चित करती हैं।
  • Complex Queries (जैसे, JOIN, GROUP BY) को आसानी से हैंडल कर सकता है।
  • यह बड़े डेटाबेस को manage करने के लिए Suitable होता है।
  • user-level एक्सेस कंट्रोल और Encryption सुविधाएँ प्रदान की जाती है।
  • Normalization के कारण डेटा का अनावश्यक दोहराव नहीं होता।

Disadvantages

  • बड़े डेटाबेस में JOIN ऑपरेशन्स धीमे हो जाते हैं।
  • Tree-structure डेटा (जैसे, फाइल सिस्टम) को मैनेज करने में कठिनाई होती है।
  • Oracle जैसे RDBMS सॉफ्टवेयर महँगे होते हैं।
  • डेटाबेस डिज़ाइन और SQL Queries लिखने के लिए Trained या Professionals होना चाहिए।

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