Pipeline Technique in hindi

हेल्लो दोस्तों , इस तरह सवाल के बहुत ही महत्वपूर्ण होते है जो आस्कर exam में पूछे जाते है| तो चलिए जानते है की Pipeline technique in hindi  (पाइपलाइन तकनीक) क्या है ?

Pipeline Technique

Pipeline technique ऐसी प्रक्रिया है जिसमें जटिल instruction को छोटे-छोटे instruction set में बांटकर execute किया जाता है, जिससे प्रोसेस करने की गति बढ़ जाती है।

बड़े instruction को प्रोसेस करने में 3-4 clock cycle लग जाते हैं, जिसे प्रोसेस करने में काफी टाइम लग जाता है। इसी समस्या को दूर करने के लिए pipeline technique को लाया गया।

Pipeline technique में केवल एक clock cycle में ही पूर्ण हो जाता है, जिसमें overlapping technique का उपयोग किया जाता है।

इसे एक उदाहरण से समझते हैं जैसे:

एक ऑफिस में एक प्रोजेक्ट को 30 employee मिलकर पूरा करते हैं, जिससे सारे employee अपना पूरा performance नहीं दे पाएंगे और बहुत टाइम लग जाएगा।

परंतु इसी उदाहरण को pipeline technique से समझें तो ऑफिस के 30 employee को 10-10 के ग्रुप में बांटकर कार्य करते हैं और तीनों ग्रुप के employee अपना पूरा performance भी दे पाएंगे और काम से कम समय में अधिक से अधिक कार्य पूर्ण हो जाएगा।

इसे diagram से और सरलता से समझ सकते हैं:

Pipeline tachnique

पहले एक प्रोजेक्ट को 30 employee 1 घंटे में पूर्ण करते हैं। अर्थात 3 प्रोजेक्ट को 3 घंटे में पूर्ण करेंगे।

लेकिन pipeline technique में 10-10 के 3 ग्रुप एक साथ 1 घंटे में 3 प्रोजेक्ट को पूर्ण करेंगे। इससे समय की काफी बचत हो रही है।

Pipeline tachnique

इस technique का उपयोग कई जगहों पर किया जाता है जहाँ speed, efficiency (क्षमता) और consistency (स्थिरता) की डिमांड होती है।

Pipeline stages of instruction execute

Pipeline में instruction को execute करने के लिए निम्न stages होती है: 

1. Fatch

इस stage में, वह instruction जिसे execute किया जाना है, उसे मेमोरी से प्रोसेसर में fetch किया जाता है अथवा read किया जाता है|

2. Decode:

Fatch किए गए instruction को decode किया जाता है ताकि यह पता चल सके कि कौन सा ऑपरेशन perform करना है।

3. Execute:

इस stage में ALU ऑपरेशन, logical ऑपरेशन, डेटा ट्रान्सफर तथा अन्य टास्क को शामिल करता है जो decode किए गए instruction के अनुसार होते हैं।

4. Memory Access:

इस stage में यदि instruction में मोमेरी एक्सेस की जरूरत होती है (जैसे कि Ram से read या write करने की) तो यह stage प्रोसेस होती है।

5. Write Back:

यह अंतिम stage होती है, इसमें ऑपरेशन के result को रजिस्टर मेमोरी में write किया जाता है अथवा सही destination में write किया जाता है।

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